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Ishmritiyan



MRP :  ₹ 249 ( Paper Back )

  • Author Name      :   Anil Jauhri
  • ISBN          :   978-81-946506-2-1
  • No of Pages      :   161
  • Publisher             :   Sankalp Publication
  • SKU Code       :  SP/20/0093
  • Availablity      :   AVAILABLE
  • Book Size       :   5X8
  • Publishing Date  :  



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कहीं कहीं हो गया हताश पर अभी मैं चुका नहीं, जूझ रहा जीवन झंझावत से, अभी में झुका नहीं I कुछ कर्ज़ बाकी रह गए, जीवन में चुकाने के लिए, कुछ फ़र्ज़ बाकी रह गए, अपनों के निभाने के लिए I माना कुछ पल हताशा निराशा मुझमे आ गई थी, संघर्ष से हो विमुख और जीने की तब चाह नहीं थी I हुआ एहसास पहली बार तेरे रूप कई पहचाने गए, मानवों के संग रह रहे देवदूत कई पहचाने गए I कृतघ्न कहे न कोई, सबका आभार व्यक्त कर जायेंगे, यूँ आना जाना ठीक नहीं, अब शांत चित्त हम जायेंगे

वर्ष 1976 में अभियांत्रिकी की पढ़ाई पूरी करने के पश्चात् लेखक ने ऑटोमोबाइल वर्कशॉप के व्यवसाय से अपने कैरियर की शुरुआत के पश्चात् साधारण बीमा कम्पनियों के लिए बतौर बीमा सर्वेक्षक अपनी सेवाएं प्रदान करना शुरू किया और वर्तमान में भी कर रहे हैं | साधारण बीमा कम्पनियों को कई बरसों तक अपनी बेहतर सेवाएं प्रदान करने के दौरान उन्होंने सर्वेयर प्रोफेशन को भी बेहतर बनाने के लिए न सिर्फ एक प्रशिक्षक के तौर पर कार्य किया वरन प्रोफेशन सम्बंधित विषयों पर किताबें लिख इस क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बनाई | प्रायः यह देखा जाता है कि जीवन यापन की प्राथमिकता के चलते इन्सान अपने शौक त्याग देते हैं और लेखक ने भी वही किया | फरवरी वर्ष 2015 में लेखक को दोबारा कैंसर की बीमारी का सामना करना पड़ा और इस दौरान शल्य चिकित्सा और रेडिएशन से होने वाले कष्टों को झेलते हुए एक बारगी तो लेखक जीवन के प्रति अपनी आस छोड़ चुके थे पर प्रियजनों व् मित्रों की शुभकामनाओं के चलते व् ईश्वर की कृपा से वो इस बीमारी से लड़ते हुए न सिर्फ हमारे बीच हैं वरन हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं | यूं तो शैक्षणिक तौर पर हिंदी भाषा से लेखक का कोई नाता नहीं रहा पर मातृभाषा हिन्दी होने की वजह से लेखक के मन में हिंदी भाषा के प्रति सदैव एक प्रेम और आदर भाव रहा और इसी प्रेम के चलते हिन्दी कविताओं को उन्होंने अपने मन में उमड़ते भावों और भावनाओं की कम शब्दों में अभिव्यक्ति का सुन्दर और सरल जरिया पाया और आज उसी कड़ी में उन्होंने पुस्तक में लिखित कविताओं के माध्यम से अपनी निश्छल भावनाओं को कम शब्दों में परन्तु सशक्त रूप में प्रदर्शित करने का सुन्दर प्रयास किया है | कविताओं का यह संकलन आपको निश्चित रूप से प्रसन्नता का अनुभव कराएगा |

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